शीतयुद्ध के बाद नाटो के सदस्य देश सबसे बड़े सैन्य अभ्यास करने की योजना में

शीतयुद्ध के बाद नाटो के सदस्य देश सबसे बड़े सैन्य अभ्यास करने की योजना में

नाटो के सदस्य देश शीतयुद्ध के बाद सबसे बड़े सैन्य अभ्यास करने की योजना बना रहे हैं। यह सैन्य अभ्यास अगले वर्ष बसंत ऋतु में होगा। इस सैन्य अभ्यास में पांच सौ से सात सौ के बीच लड़ाकू विमान, 50 से अधिक जहाज और लगभग 41 हजार सैनिकों के शामिल होने की संभावना है। इस अभ्यास की रूपरेखा रूस के नेतृत्व वाले ओक्यासुस नामक गठबंधन के विरुद्ध संभावित युद्ध को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य गठबंधन के एक सदस्य देश के विरुद्ध रूसी हमले को विफल करना है।

यह संयुक्त अभ्यास जर्मनी, पोलैंड और बाल्टिक देशों में किया जाएगा। नाटो में स्वीडन को पूर्ण सदस्यता की प्रक्रिया अभी बाकी है। फिर भी स्वीडन के इस संयुक्त अभ्यास में शामिल होने की आशा है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में कुल 32 देश शामिल होंगे।

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