विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिल्ली में जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। साझा मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित भागीदारी को और मजबूत करने पर बल दिया गया। 2022 से 2027 की अवधि में भारत में पचास खरब येन के जापानी निवेश लक्ष्य के महत्व को भी उजागर किया गया। सेमीकंडक्टर, समायोजी आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा सहित उभरती प्रौद्योगिकी में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई तथा रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी सहयोग और बढाने पर विचार-विमर्श हुआ।
वर्ष 2023 को भारत-जापान पर्यटन आदान-प्रदान वर्ष के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए दोनों विदेश मंत्रियों ने आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर बल दिया। भारत से जापान में कुशल मानव संसाधनों को बढावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।