विदेशमंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री हयाशी योशिमाशा ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की। 15वें भारत-जापान विदेश मंत्री रणनीतिक संवाद का आयोजन कल शाम नई दिल्ली में किया गया। 2022 से 2027 की अवधि में भारत में पचास खरब येन के जापानी निवेश लक्ष्य के महत्व को भी उजागर किया गया। सेमीकंडक्टर, समायोजी आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा सहित उभरती प्रौद्योगिकी में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई।
वर्ष 2023 को भारत-जापान पर्यटन आदान-प्रदान वर्ष के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए दोनों विदेश मंत्रियों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर बल दिया।