लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली संशोधन विधेयक 2023 पेश किया गया

लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली संशोधन विधेयक 2023 पेश किया गया

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली संशोधन विधेयक 2023 आज लोकसभा में पेश किया गया। यह विधेयक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली अधिनियम 1991 में संशोधन करने से संबंधित है। यह केंद्र सरकार को अधिकारियों के कार्यों, नियमों और सेवा की अन्य शर्तों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबद्ध नियम बनाने का अधिकार देगा। विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण के गठन का भी प्रावधान है। प्राधिकरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली के प्रधान गृह सचिव शामिल हैं। यह प्राधिकरण अधिकारियों के स्थानांतरण और अनुशासनात्मक मामलों पर दिल्ली के उपराज्यपाल को अपनी सिफारिशें देगा। इस वर्ष मई में केंद्र इस संबंध में अध्यादेश लाया था।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया लेकिन इसका विरोध करते हुए कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह संविधान के खिलाफ है और राष्ट्रीय राजधानी में ब्यूरोक्रेसी पर नियंत्रण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के फैसले को कमजोर करता है। आर.एस.पी. के एन.के. प्रेमचंद्रन ने भी विधेयक का विरोध किया और इसे संघवाद के सिद्धांत के खिलाफ बताया। तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, डीएमके के टी.आर. बालू, कांग्रेस के गौरव गोगोई और शशि थरूर ने भी विधेयक पेश करने का विरोध किया। हालांकि, बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि उच्‍चतम न्‍यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि संसद दिल्ली के संबंध में कानून बना सकती है।

विपक्षी दलों की आपत्तियों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि संसद के पास इस तरह का कानून पारित कर सकती है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान, संसद को दिल्ली से संबंधित मामले पर कानून बनाने की शक्ति देता है। उन्होंने कहा कि उच्‍चतम न्‍यायालय अपने फैसले में स्‍पष्‍ट कर चुका है कि संसद, दिल्ली के मामले कोई भी कानून ला सकती है इसलिये विधेयक पर उठाई गई आपत्तियां राजनीति से प्रेरित हैं।

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