महाराष्‍ट्र सरकार का केन्‍द्र से आग्रह, धार्मिक स्‍थलों पर लाउडस्‍पीकर के इस्‍तेमाल के लिए एक समान दिशा-निर्देश बनाए जाएं

महाराष्‍ट्र सरकार ने केन्‍द्र सरकार से आग्रह किया है कि धार्मिक स्‍थलों पर लाउडस्‍पीकर के इस्‍तेमाल के लिए एक समान दिशा-निर्देश बनाए जाएं। राज्‍य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने आज मुम्‍बई में सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि राज्‍य सरकार ने ध्‍वनि प्रदूषण के बारे में उच्‍चतम न्‍यायालय के 2005 के फैसले के मद्देनजर 2015 के 2017 के बीच कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में गणेश उत्‍सव, नवरात्रि और गांव में प्रतिदिन प्रार्थना के दौरान लाउडस्‍पीकर का इस्‍तेमाल किया जाता है। दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि इन नियमों को केवल किसी एक समुदाय पर लागू नहीं किया जा सकता और सबको इनका पालन करना होगा। उन्‍होंने कहा कि लाउडस्‍पीकर लगाने या हटाने की अनुमति देना राज्‍य सरकार का काम नहीं है। दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि राज्‍य सरकार कानून और व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए उत्‍तरदायी है और वह शांति और सदभाव बिगाडने की कोशिश करने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई करेगी।

राज्‍य के पर्यावरण मंत्री आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि महाराष्‍ट्र से एक प्रतिनिधिमंडल दिल्‍ली जाएगा और लाउडस्‍पीकर के बारे में दिशा-निर्देश बनाने के लिए केन्‍द्र सरकार से अनुरोध करेगा।

भारतीय जनता पार्टी ने इस सर्वदलीय बैठक में भाग नहीं लिया। पार्टी का कहना था कि यह बैठक केवल दिखावा है क्‍योंकि मुख्‍यमंत्री ने भी इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया है। महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी बैठक में हिस्‍सा नहीं लिया।

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