स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने फार्मा सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के देश के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज तथा जमीनी स्तर पर अधिक सुधरी स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदान करने को बढावा देने पर भी जोर दिया। जिनेवा में 76वें विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में प्रमुख भाषण देते हुए डॉक्टर मांडविया ने हील बाई इंडिया और हील इन इंडिया कार्यक्रमों के महत्व को उजागर किया जिनका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि हील बाई इंडिया पहल के अंतर्गत भारत से विश्व के विभिन्न भागों तक स्वास्थ्य पेशेवरों की गतिशीलता को बढावा देना है ताकि यह वसुधैव कुटुम्बकम के अनुरूप बन सके। डॉ. मांडविया ने बताया कि हील इंडिया पहल का उद्देश्य भारत के भीतर समेकित और व्यापक उपचार प्रदान करना है जिससे विश्वस्तरीय तथा समुचित स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि भारत में विश्व की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली-आयुर्वेद का मूल स्थान है और इस प्रणाली की अनूठी शक्ति, योग, सिद्धा, यूनानी और होम्योपैथी समेत आयुष के उपचार की विश्व में बढती मांग को पूरा कर रही है।
डॉ. मांडविया ने भारत के जी-20 की अध्यक्षता की कार्यसूची, स्वास्थ्य आपात सेवाओं की प्राथमिकता, बचाव और रिस्पॉन्स को उजागर किया ताकि एक स्वास्थ्य और एन्टी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस पर विशेष ध्यान दिया जा सके।