बंगाल की खाडी में बने दबाव के प्रभाव के कारण ओडिशा के कई भागों में हुई भारी वर्षा से बाढ का जोखिम बढता जा रहा है। राज्य में दो दिन लगातार हुई बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, जबकि पानी के तेज बहाव के कारण मयूरभंज, कंधमाल, बौद्ध, देवगढ और क्योनझार जिलों के कई गांवों से संपर्क टूट गया है। बाढ के प्रवाह से असहाय हुये लोगों के लिए राज्य सरकार ने पेय जल और सूखे और तैयार भोजन उपलब्ध कराने के आदेश दिये हैं।
अग्निशमन सेवा के महानिदेशक से बौद्ध, मयूरभंज, सुबर्नपुर, अंगूल, बलंगीर, कंधमाल, संबलपुर, जजपुर और भद्रक जिलों में तलाशी और बचाव अभियान के लिए टीम तैनात करने का आग्रह किया गया है। आगामी दो दिनों में होने वाली भारी वर्षा के पूर्वानुमान को ध्यान रखते हुए, ओडिशा आपदा अर्धसैनिक बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बलों को बाढ के खतरों से निपटने के लिए कई जिलों में भेज दिया गया है।
इस बीच ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त ने आगाह किया है कि आज दोपहर बारह बजे तक कटक जिले में महानदी से लगभग आठ लाख क्यूसेक बाढ का पानी प्रवाहित होने की संभावना है। उन्होंने अंगुल, नयागढ, कटक, खोरदा, पुरी, जगतसिंह पुर और केन्द्र पाडा के जिलाधिकारियों से निचले क्षेत्रों और तटबंधों में सभी आवश्यक प्रबंध करने को कहा है।