प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में महिलाओं के लिए अवसर बढ़े हैं और सरकार उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए मकान, शौचालय, बिजली, पानी और गैस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से आत्मनिर्भर नारी शक्ति से संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा माहौल बना रही है, जिससे महिलाएं गांवों की समृद्धि में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि स्व:सहायता समूह के माध्यम से देश की बहनों ने कोरोना काल में अभूतपूर्व काम किया।
मास्क बनाने, सेनेटाइजर तैयार करने और जरूरतमंदों को भोजन वितरण तथा लोगों को जागरूक करके स्व:सहायता समूहों ने सराहनीय कार्य किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के करोड़ों खाते खोले और केन्द्र ने पहली बार जन धन खाते खोलने के लिए व्यापक अभियान चलाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले उनकी सरकार ने महिला स्व:सहायता समूहों की बहुत मदद की। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में महिला स्व: सहायता समूहों ने अपने ऋण लौटाकर सराहनीय कार्य किये।
प्रधानमंत्री ने स्व: सहायता समूहों से स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष में 75 घंटे निकालकर स्वच्छता और जल संरक्षण का काम करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दीनदयाल अन्त्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को बढ़ावा देने वाले महिला स्व:सहायता समूहों के सदस्यों और संसाधन समुदाय के लोगों से बात की। प्रधानमंत्री ने चार लाख से अधिक स्व:सहायता समूहों की आर्थिक मदद के लिए एक हजार 625 करोड़ रूपये की राशि जारी की। उन्होंने सात हजार पांच सौ स्व: सहायता समूहों के सदस्यों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजना के तहत छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए बीज राशि के रूप में 25 करोड़ रूपये और 75 किसान उत्पादक समूहों के लिए चार करोड 13 लाख रूपये जारी किये।