प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुलिस बलों को और ज्यादा संवेदनशील बनाने और उन्हें उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न एजेंसियों के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डाटा कन्वर्जन्स फ्रेमवर्क पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने तीन दिन तक चलें 57वें अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक सम्मेलन में अंतिम दो दिन भाग लेते हुए कहा कि हमें बायोमैट्रिक जैसी प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहिए और पैदल गस्त जैसी परंपरागत पुलिस प्रणाली को भी मजबूत करना चाहिए। उन्होंने व्यर्थ हो चुके अपराधी कानूनों को खत्म करने और सभी राज्यों के पुलिस संगठनों में मानक बनाने को कहा। प्रधानमंत्री ने जेल प्रबंधन में सुधार का भी सुझाव दिया।
सम्मेलन के दौरान उन्होंने अधिकारियों के लगातार दौरो के जरिये सीमा और तटीय सुरक्षा को भी मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने राज्य पुलिस और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने और अनुभव साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक सम्मेलन की तरह राज्य और जिला स्तर पर भी पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन करने पर सुझाव दिया और कहा कि इनमें उभरती चुनौतियों और बेहतर अनुभवों पर चर्चा की जानी चाहिए।
सम्मेलन के अंत में प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवाओँ के लिए पुलिस पदक प्रदान किए। तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में पुलिस प्रणाली, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकरोधी और उग्रवादरोधी रणनीति तथा साइबर सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया गया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गृह राज्य मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केन्द्रीय गृह सचिव राज्यों के पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक, केन्द्रीय पुलिस संगठनों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग छह सौ पुलिस अधिकारियों ने भी सम्मेलन में ऑनलाइन भाग लिया।
