केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया ने कहा है कि अनुसंधान और नवाचार अमृत काल के दौरान देश को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। अहमदाबाद आई.आई.एम. में आज स्वास्थ्य देखभाल की पहली शिखर बैठक के उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत विश्व में दवाओं के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, लेकिन समय की आवश्यकता है कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के स्वप्न को पूरा करने के लिए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार का वैश्विक बड़ा केन्द्र बनाना होगा।
स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सरकार को नीतियों में संशोधन, स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र को ग्रामीण जनता की पहुंच में लाने और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के लिए प्रौद्योगिकी को सुदृढ़ बनाने तथा सरकारी खरीद में स्टार्ट-अप और निजी क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड महामारी के बाद भारत के प्रति विश्व के दृष्टिकोण में बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि विश्व ने भारत के कोविड प्रबंधन और टीकाकरण अभियान की प्रशंसा की थी। डॉक्टर मांडविया ने युवा विद्यार्थियों से अनुसंधान में योगदान देने की अपील की। जाइडस लाइफ केयर के अध्यक्ष डॉक्टर पंकज पटेल ने भी ग्रामीण जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के वास्ते मानव संसाधन और प्रौद्योगिकी को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नवाचार के बड़े केन्द्र विकसित करने पर भी जोर दिया।
इस शिखर बैठक का उद्देश्य प्रमुख भारतीय भागीदारों और सरकार के अनुसंधानकर्ताओं, उद्योग अकादमिक और स्टार्ट-अप को चर्चा का अवसर देना है, जिससे भारत में नीतियों को प्राथमिकता देने से नवाचार, भागीदारियों का पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के भविष्य को आकार दिया जा सके।