संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन ने आतंकवादियों, सशस्त्र समूहों और गैर सरकारी तत्‍वों की चुनौतियों से निपटने का काम करना जारी रखा: डॉ जयशंकर

विदेश मंत्री डॉक्‍टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन ने आतंकवादियों, सशस्त्र समूहों और गैर सरकारी तत्‍वों की चुनौतियों से निपटने का काम करना जारी रखा है। उन्‍होंने कहा कि शांति अभियानों की प्रकृति और जटिल हो गई है इसलिए शांति अभियान की कार्यशैली को समय के अनुसार मजबूत करना होगा।

विदेश मंत्री ने कहा कि 21वीं शताब्‍दी में शांति स्‍थापना के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार को सशक्‍त तंत्र से जोडा जाना चाहिए। डॉ. जयशंकर न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में शांति स्‍थापना पर खुली बहस की अध्‍यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने शांति अभियानों के लिए प्रौद्योगिकी मंच-यूनाइट अवेयर को शुरू करने में संयुक्त राष्ट्र को भारत के समर्थन की घोषणा की।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र शांति अभियानों में 174 वीर भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है जो शांति सेना में योगदान देने वाले देशों में सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि आज नौ शांति अभियानों में 5 हजार से अधिक भारतीय जवान तैनात हैं।

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