केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत छह लाख 28 हजार करोड़ रुपए के प्रोत्‍साहन पैकेज को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज के तहत छह लाख 28 हजार करोड रूपये के प्रोत्‍साहन पैकेज को मंजूरी दे दी है। वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने सोमवार को इस पैकेज की घोषणा की थी। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कल मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्‍मेलन में बताया कि दो लाख साठ हजार करोड रूपये की ऋण गारंटी योजना को भी स्‍वीकृति दी गई है।

जैसा आपको मालूम है कि दो लाख साठ हजार के एक लोन गारंटी स्‍कीम एक कोविड इफेक्‍टेड सेक्‍टर्स को मदद करने के लिए और दूसरी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन जो पहले ही दो लाख 70 हजार करोड़ के लोन सेंक्‍शन हो गए हैं। इसमें और एक लाख पचास हजार जोड़ रहे हैं और ब्‍याज का दर सात फीसदी से आठ फीसदी तक रहेगा 8.25 और सबसे विशेष बात यह है कि अब बैंक या वित्‍तीय संस्‍था जो लोन्‍स देंगे उसको गरंटी सरकार दे रही है।

सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना को इस वर्ष मई से बढाकर नवंबर तक करने को भी मंजूरी दे दी है।

इस बार सरकार ने फैसला किया है मई से नवम्‍बर तक मुफ्त अनाज मिलेगा 80 करोड़ लोगों को। यानी ये 30 किलो होगा। किसी देश में 70 कि‍लो अनाज प्रति व्‍यक्ति इस कोविड काल में आना गरीब के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण मदद है उसके लिए 93 हजार करोड़ रुपए उसमें घोषित किया है जो किसानों के लिए है। विश्‍वभर में जो पौष्टिक खाद होता है डीएपी और पीएनके उसके दाम बढ़े ले‍किन भारत के किसान को दाम नहीं बढ़ने चाहिए। इसलिए एक नया कार्यक्रम किया मोदी सरकार ने और 14 हजार करोड़ रुपए की यह सब्सिडी दी है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के चौथे चरण के अंतर्गत जुलाई से नवम्‍बर के लिए 198 लाख 78 हजार मीट्रिक टन अनाज का आवटंन किया गया है। छत्‍तीसगढ, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिसा, तेलंगाना और त्रिपुरा ने अनाज उठाने का कार्य शुरू कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि प्रत्‍येक गांव में ब्रॉडबैंड सुविधा के लिए भारतनेट के वास्‍ते अतिरिक्‍त राशि की भी मंजूरी दी है।

देश के 16 राज्‍यों में भारतनेट को हम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के मॉडल्‍स हैं। 29 थाउजेंट 432 करोड़ रुपए के टोटल एक्‍सपेंसेस पर उसको हमने प्रिंसिपल एप्रुव किया है। जिसमें भारत सरकार की वायबिल्‍टी गैप फंडिंग होगी 19 हजार 41 करोड़ रुपए और ये हम देश के तीन लाख 61 हजार गांव में जो 16 राज्‍यों में हैं वहां पर इसे पीपीपी मॉडल के माध्‍यम से ला रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि विश्‍वसनीय, गुणवत्‍तापूर्ण और तेज गति के ब्रॉड बैंड के साथ सभी गांवों में भारतनेट के विस्‍तार से, विभिन्‍न केंद्रीय और राज्‍य सरकारों की एजेंसियों द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही ई सेवाओं की बेहतर पहुंच हो सकेगी।

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