केन्द्र सरकार ने कहा है कि देश में कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या तेजी से कम हो रही है और नए रोगी भी कम दर्ज हो रहे हैं। उपचाराधीन रोगी करीब चार लाख चौंसठ हजार रह गए है। स्वस्थ होने की दर में भी लगातार सुधार हो रहा है और यह 97 दशमलव दो प्रतिशत पर पहुंच गई है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए किए गए प्रभावी उपायों के कारण देश में संक्रमण के मामलों में रोज कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि एक मई से सात मई के बीच कोविड के औसतन नए दैनिक मामले तीन लाख नवासी हजार थे जो तीन जुलाई से छह जुलाई की अवधि में घटकर चालीस हजार चार सौ बीस रह गए हैं।
लव अग्रवाल ने कहा कि संक्रमण के मामले अब कुछ जगहों तक सीमित हो रहे हैं। ऐसे 80 प्रतिशत नए मामले 90 जिलों से हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर सीमित हो रहा है। कोविड के पॉजिटिव मामले भी लगातार कम हो रहे हैं। हालांकि 71 जिलों में ऐसे मामले दस प्रतिशत से अधिक दर्ज किए जा रहे हैं।
लव अग्रवाल ने कहा कि संक्रमण का समय रहते पता लगाने के लिए कोविड की जांच का काम तेजी से किया जा रहा है। मौजूदा समय में देश की विभिन्न प्रयोगशालाओं में औसतन 18 लाख तीस हजार कोविड जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के खिलाफ लडाई में टीकाकरण एक बडा हथियार साबित हो रहा है। देश में अब तक 35 करोड 75 लाख से अधिक कोविड के टीके लगाए जा चुके हैं। इसमें 29 करोड बारह लाख लोगों को टीके की पहली डोज दी गई है जबकि छह करोड 63 लाख लोगों को दूसरी डोज दी गई है। टीकाकरण के मामले में भारत दुनिया में पहले नम्बर पर है। जबकि 33 करोड छह लाख लोगों का टीकाकरण कर अमरीका दूसरे स्थान पर है।
लव अग्रवाल ने कहा कि पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर जाने वाले सैलानी कोविड से बचाव के नियमों का पालन नही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नियमों का सख्ती से पालन नही किया गया तो सरकार प्रतिबंधों में दी गई ढील वापस ले सकती है।