भारत सरकार ने कोरोनावायरस की वजह से पैदा हुए आर्थिक व्यवधान के कारण गरीबों को हो रही कठिनाई को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) की घोषणा की। इस योजना के तहत एनएफएसए के अंतर्गत शामिल लाभार्थियों को दो माह (मई-जून 2021) की अवधि के लिए 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रतिमाह की दर से निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब 5 महीनों यानी जुलाई-नवंबर 2021 के लिए बढ़ा दिया है और पीएमजीकेएवाई- IV (जुलाई-नवंबर 2021) के तहत 198.78 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
पीएमजीकेएवाई- IV (जुलाई-नवंबर 2021) के तहत आठ राज्यों – छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा – ने खाद्यान्न का उठाव शुरू कर दिया है और 28 जून, 2021 तक 1.06 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उठाया गया है।
पीएमजीकेएवाई- III (मई-जून 2021) के तहत 28 जून, 2021 तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने सभी 36 राज्यों/ केन्द्र – शासित प्रदेशों को 77.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की निःशुल्क आपूर्ति की है। 23 राज्यों/ केन्द्र – शासित प्रदेशों – आंध्र प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल – ने मई-जून 2021 के लिए आवंटित खाद्यान्न का अपना पूरा हिस्सा उठा लिया है। आवंटित खाद्यान्न को उठाने की अंतिम तिथि 30 जून, 2021 है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) सभी राज्यों/ केन्द्र – शासित प्रदेशों की सरकारों को सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में खाद्यान्न की ढुलाई कर रहा है। 1 मई, 2021 से एफसीआई द्वारा खाद्यान्नों के कुल 2608 रैक लोड किए गए हैं यानी दैनिक आधार पर औसतन 45 रैक।
पीएमजीकेएवाई के सफल कार्यान्वयन के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पहले ही सभी राज्यों/ केन्द्र – शासित प्रदेशों में पर्याप्त स्टॉक पहुंचा दिया है। वर्तमान में, केन्द्रीय पूल के तहत 591 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 295 लाख मीट्रिक टन चावल (कुल 886 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न) उपलब्ध है।
