महाराष्ट्र में विधानमंडल के दो दिन के मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे के साथ समाप्त हुआ। विधानसभा में आज अनुचित व्यवहार के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के 12 विधायकों को एक वर्ष के लिए निलम्बित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष भास्कर जाधव ने आरोप लगाया कि विपक्ष के विधायकों ने उन्हें गाली दी। इसके बाद विधायी कार्यमंत्री अनिल परब ने भाजपा के विधायकों को निलम्बित करने का प्रस्ताव पेश किया और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
भारतीय जनता पार्टी ने सदन का बहिष्कार करते हुए आरोप लगाया कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है। विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडनवीस ने यह स्वीकार किया कि भाजपा के विधायक गुस्से में थे और उन्होंने बाद में भास्कर जाधव से क्षमा मांग ली, लेकिन सत्तारूढ गठबंधन ने उसके बावजूद प्रस्ताव पेश किया और 12 विधायकों को एक वर्ष के लिए निलम्बित कर दिया गया।
मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि तालिका अध्यक्ष ने इकतरफा बात कही और उस पद पर बैठने के बाद वहां पर जो बोलते हैं, उनको अधिकार है उसके बाद हमको बोलने नहीं दिया जाता और इसलिए मेरा मानना है कि उन्होंने पूरी बात नहीं कही है। मैं इस बात को बिल्कुल मान्य करता हूं कि दो-दो बातें हुई, लेकिन उसमें हमारी तरफ से किसी ने गाली नहीं दी और ये पहली बार नहीं हुआ। मैं 22 साल से विधानसभा में हूं, हर अधिवेशन में ये होता है।