भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज वित्तवर्ष 2023-24 के लिए पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेंगे। मौद्रिक नीति समिति की बुधवार को मुंबई में बैठक शुरू हुई और यह उम्मीद की जा रही है कि समिति प्रमुख ऋण दरों में बिना किसी बदलाव के यथास्थिति बनाए रखेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार संभावना है कि रिजर्व बैंक मुख्य रेपो रेट को छह दशमलव पांच शून्य प्रतिशत की दर पर ही बरकरार रखेगा। उनका यह भी मानना है कि केन्द्रीय बैंक मंहगाई पर काबू पाने के लिए तंत्र में पैसे की आपूर्ति में कमी के कदम को जारी रखेगा।
इस सप्ताह के शुरू में जारी भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही तक दरों में बदलाव की संभावना नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाहरी संसाधनों के जोखिमों के अलावा वृद्धि दर के मजबूत बने रहने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन जोखिमों के प्रमुख कारणों में तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ना और कठिन वैश्विक वित्तीय परिस्थिति शामिल है।