भारतीय रिजर्व बैंक ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर साढे चार प्रतिशत रहने की संभावना व्यक्त की है। बैंक के गवर्नर शक्ति कांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद विकास की दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान है।
बैंक ने लगातार सातवीं बार रीपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। शक्तिकांत दास ने आज द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की और रीपो रेट को साढे छह प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि इस वर्ष 29 मार्च को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सर्वोच्च स्तर छह सौ 45 अरब 60 करोड डॉलर पर था। पिछले तीन वर्षों की तुलना में पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय रूपये में सबसे कम उतार-चढाव रहा।
भारतीय रिज़र्व बैंक जल्द ही यूपीआई के माध्यम से नकद राशि जमा कराने की सुविधा प्रदान करेगा। फिलहाल यूपीआई का उपयोग धन के लेन-देन के लिए किया जाता है।