प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रथ यात्रा के अवसर पर सभी को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति में रथ यात्रा के महत्व पर एक वीडियो भी साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा; “रथ यात्रा की सभी को बधाई। जैसा कि हम इस पवित्र अवसर का उत्सव मना रहे हैं, भगवान जगन्नाथ की दिव्य यात्रा हमारे जीवन को स्वास्थ्य, खुशी और आध्यात्मिक समृद्धि से भर दे।”
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू हुई
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू हुई। ऐसे में सेवादारों की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा की तैयारियों से जुडे विधि-विधान पूरे किए जा रहे हैं। इससे पहले आज सुबह पुरी में पहंडी यात्रा शुरू हुई, जिसमें देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को रथ की ओर ले जाया गया। सेवादारों ने मंदिर के अंदर से प्रतिमाओं को निकाला और शोभा यात्रा के साथ उन्हें रथ तक ले गए। पहले भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पहंडी निकली, इसके बाद भगवान जगन्नाथ की पहंडी यात्रा निकाली गई।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम चार बजे श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को खींचना शुरू करेंगे। पुरी के जगन्नाथ मंदिर से यह रथ यात्रा शुरू होगी और तीन किलोमीटर की दूरी तय करके गुंडिचा मंदिर जाकर इसका समापन होगा। सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ पुरी ग्रैंड रोड पर निकलेगा, उसके बाद देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ होगा और इन दोनों के पीछे भगवान जगन्नाथ का सबसे विशाल नंदीघोष रथ होगा। माना जा रहा है कि यह रथ सूर्यास्त से पहले गुंडिचा मंदिर पहुंच जाएंगे। वहां प्रतिमाओं का नौ दिनों तक निवास रहेगा, उसके बाद इस महीने की 28 तारीख को यह रथ बहुडा यात्रा के साथ श्री मंदिर वापस आ जाएंगे। इस भव्य रथ यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु जमा हुए हैं।