विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि नई दिल्ली में अफगान दूतावास और मुम्बई तथा हैदराबाद में अफगान वाणिज्य दूतावास काम कर रहे हैं। नई दिल्ली में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इन संस्थाओं को मान्यता देने की भारत की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि अफगान राजनयिक भारत में अफगानिस्तान के नगारिकों को सेवाएं प्रदान करना जारी रखेंगे। अफगानिस्तान के दूतावास ने पिछले महीने की 24 तारीख को घोषणा की थी कि नई दिल्ली स्थित राजनयिक मिशन स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ मुकदमा चलाने के बारे में अरिंदम बागची ने कहा कि भारतीय एजेंसियों को कानून का उल्लंघन करने के आरोप में उसकी तलाश है। उन्होंने कहा कि भारत में उसके द्वारा किए गए अपराधों का ब्योरा विदेशी एजेंसियों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने मित्र देशों के साथ भारत अथवा भारतीय राजनयिकों के खिलाफ किसी भी उग्रवादी या आतंकवादी खतरे पर चिंता प्रकट की है।
संसद पर हमला करने की पन्नु की धमकी के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी धमकियों को गंभीरता पूर्वक लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह मामला अमरीका और कनाडा के अधिकारियों के साथ उठाया है।
कतर में आठ भारतीय नागरिकों को मृत्यु दंड सुनाए जाने के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए अरिंदम बागची ने कहा कि अपील दाखिल की गई है और अभी तक मामले में दो सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस महीने की तीन तारीख को भारतीय राजदूत को सभी आठ लोगों से कारागार में मिलने की अनुमति दी गई।
ब्रिक्स की सदस्यता के लिए पाकिस्तान के आवेदन करने के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि कई देश सदस्यता चाहते हैं और आम सहमति के बाद इस बारे में निर्णय किया जाता है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत वेनेजुएला और गयाना सीमा विवाद से सम्बंधित घटनाओं पर भी नज़र रख रहा है।
