जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की आज पहली बरसी है। पिछले साल इसी दिन, पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे इस जघन्य कृत्य ने पूरे देश को झकझोर दिया था। दुनिया भर की सरकारों और नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की थी।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल 6 और 7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ शुरू किया। ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया है। जिसमें उन्होंने आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी देते कहा है कि ‘जब मानवता की सीमाएं पार होती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए लक्षित हमलों में पाकिस्तान और पीओजेके में नौ आतंकवादी शिविरों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया जिसमें सौ से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, संचालक और सहयोगी मारे गए। अधिकांश आतंकवादी जैश–ए–मोहम्मद, लश्कर–ए–तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठनों से संबंधित थे। इस ऑपरेशन ने भूमि, वायु और समुद्र के माध्यम से उच्च सटीकता और समन्वित सैन्य कार्रवाई के जरिए भारत की उत्कृष्ट क्षमता को प्रदर्शित किया। ऑपरेशन सिंदूर को भारत के रक्षा इतिहास में एक निर्णायक क्षण के रूप में याद किया जाएगा। यह सैन्य सटीकता, अंतर सेवा सहयोग और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है।

