NCERT समिति ने सभी स्कूली पाठ्यपुस्तकों में इंडिया की जगह ‘भारत’ लिखने की सिफारिश की है।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “वे पाठ्यपुस्तक और पाठ्यक्रम के माध्यम से भारत के इतिहास को विकृत कर रहे हैं। हमारे लिए भारत और इंडिया दोनों बराबर है। ये चुनावी रणनीति और ध्रुवीकरण की राजनीति हैं। वे राजनीतिक मकसद के लिए ऐसा कर रहे हैं।”
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, “जब से INDIA गठबंधन का जन्म हुआ तब से कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। वे कुछ तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस प्रकार से INDIA गठबंधन पर आक्रमण करें। ये घबराहट वाली प्रतिक्रियाएं हैं। NCERT यह कर रही है, अनुछेद 1 का आप क्या करेंगे? तथ्यों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। देश के नाम के साथ भी खिलवाड़ किया जाएगा क्या? आप जिस INDIA गठबंधन के कारण ये सब कर रहे हैं, अगर INDIA गठबंधन ने अपना नाम भारत कर लिया फिर आप क्या करेंगे?”
स्कूली पाठ्यपुस्तकों में ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ करने की NCERT पैनल की सिफारिश पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, “ये राजनीतिक निर्णय है क्योंकि सभी राजनीतिक दलों ने मिलकर INDIA गठबंधन बनाया। तब से ये लोग इंडिया नाम से नफरत करने लगे हैं।…हम भारत से नफरत नहीं करेंगे क्योंकि भारत हमारा ही है भारत हमारा देश है। संविधान में भारत का जिक्र है लेकिन इंडिया हो या भारत, देश-देश है लेकिन आप एक निर्णय लेने जा रहे हैं कि इंडिया की जगह भारत करने की तो क्या आपकी जिम्मेदारी नहीं है कि सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस बारे में चर्चा करें। भारत हो या इंडिया हो हम तो एक हैं और जल्दी ही आपको पता चलेगा कि 2024 में इंडिया जीतेगा और भारत भी।”