🇮🇳🇲🇲 म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् भारत दौरे पर, गयाजी से शुरू हुई पांच दिवसीय यात्रा
म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् आज भारत के पांच दिवसीय दौरे पर बिहार के गयाजी पहुंचे। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा मानी जा रही है, जिसे भारत और म्यांमा के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् सुबह विशेष विमान से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अतः हसनैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
महाबोधि मंदिर और सुजाता मंदिर में की पूजा
गयाजी पहुंचने के बाद म्यांमा के राष्ट्रपति ने विश्व प्रसिद्ध Mahabodhi Temple में पूजा-अर्चना की। इसके अलावा उन्होंने बकरौर स्थित Sujata Temple का भी दौरा किया।
राष्ट्रपति ने बोधगया में स्थित विभिन्न म्यांमार बौद्ध मठों का भी भ्रमण किया। उनके साथ उच्च स्तरीय अधिकारी और बौद्ध प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए महाबोधि मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे कार्यक्रम के दौरान सतर्क रहीं।
नई दिल्ली में होंगे अहम बैठकें
गयाजी दौरे के बाद राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् नई दिल्ली पहुंचेंगे। यहां उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से होने की संभावना है।
इसके अलावा वह म्यांमा-भारत व्यापार मंच (Myanmar-India Business Forum) में भी शामिल हो सकते हैं, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है।
🇮🇳 प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे मुलाकात
राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता भारत और म्यांमा के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, बौद्ध और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है।
निष्कर्ष
म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् का भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गयाजी स्थित महाबोधि मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता के जरिए भारत-म्यांमा संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान कर सकती है।
