वर्तमान मौसमी स्थितियाँ राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों तथा दिल्ली में अगले 7 दिनों तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के अनुकूल नहीं हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी भागों तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र झारखंड और इससे सटे भागों पर बना हुआ है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 3.1 किलोमीटर है।
एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र ओडिशा और आसपास के भागों पर भी बना हुआ है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 0.9 किमी से 2.1 किलोमीटर के बीच है।
उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के भागों पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 2.1 किलोमीटर ऊपर बना है।
राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्सों पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर है।
राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी भागों और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र है, जो समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर ऊपर है।
गुजरात के पूर्वी भागों और इससे सटे हिस्सों के ऊपर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 2.1 किलोमीटर और 3.1 किलोमीटर के बीच है।
अरब सागर के पश्चिमी मध्य भागों और इससे सटे ओमान के तटों पर भी समुद्र तल से 3.1 किमी और 5.8 किमी के बीच एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
एक पश्चिमी विक्षोभ 71 डिग्री पूर्वी देशांतर और 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश के बीच क्षोभमण्डल के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 5.8 किमी है।
