मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) अभी भी समय 26° उत्तरी अक्षांश और 70° पूर्वी देशांतर तथाबाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से होकर गुज़र रही है।
उत्तर भारत के ऊपर मौजूद वर्तमान मौसमी स्थितियाँ तथा वायुमंडलीय परिदृश्य और डाइनामिक मॉडल द्वारा दिखाये जा रहे हवाओं के पूर्वानुमान के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों तथा चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले 6-7 दिनों तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल होते हुए असम के उत्तर-पूर्वी हिस्सों तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी राजस्थान और आसपास के हिस्सों पर समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर बना हुआ है।
समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर (मध्य एवं ऊपरी क्षोभ मण्डल) ट्रफ के रूप में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ इस समय 63° पूर्वी देशांतर और 30 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर है।
अरब सागर के मध्य-पूर्वी भागों में उत्तरी महाराष्ट्र के तटों से तटीय कर्नाटक और दक्षिणी केरल तक एक ट्रफ बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 3.1 किमी से 4.5 किमी के बीच है।
अरब सागर के पश्चिमी मध्य भागों और इससे सटे ओमान के तटों पर समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।