केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल ने आज उद्योग परिसंघों को निर्यात संवर्धन और इसमें वृद्धि के उपायों पर चर्चा करने के लिए संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज की बातचीत जीवंत और मजबूत उद्योग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी। पीयूष गोयल ने कोविड-19 के दौरान सभी उद्योग संघों के निःस्वार्थ भावना से काम करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक इच्छाशक्ति, चुस्ती और सहयोग के साथ हमने ‘संकट को अवसर में बदल दिया, क्योंकि अगस्त’ 21 के पहले 2 हफ्तों के लिए व्यापारिक निर्यात 2020-21 में 45 प्रतिशत और 2019-20 में 32 प्रतिशत और व्यापारिक निर्यात 1 अप्रैल से 14 अगस्त ’21 के लिए 2020-21 की तुलना में 71 प्रतिशत और 2019-20 में 23 प्रतिशत अधिक है।
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि यह समय इस पर चिंतन करने का भी है कि भविष्य के लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत का औसत लागू आयात शुल्क 2019 में 17.6 प्रतिशत से घटकर 2020 में 15 प्रतिशत हो गया है, यह लगभग डेढ़ दशक में सबसे तेज वार्षिक गिरावट है और हमारे लागू टैरिफ 50.8 प्रतिशत (डब्ल्यूटीओ के तहत अनुमेय सीमा) की बाध्य दर से नीचे हैं। सकारात्मक गति के साथ, भारत 2021-22 में 400 अरब डॉलर के व्यापारिक निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है।
अर्थव्यवस्था में 2030 तक निर्यात में 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के योगदान के लक्ष्य के बारे में बोलते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि अर्थव्यवस्था पुनरुद्धार के रास्ते पर है और भारत ने 2020-21 में अब तक का सबसे अधिक एफडीआई का निवेश प्राप्त किया है। यह 74.39 बिलियन अमेरिकी डॉलर (2019-20) से 10 प्रतिशत बढ़कर 81.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया और मई-2021 के दौरान एफडीआई 12.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी मई 2020 की तुलना में 203 प्रतिशत अधिक और मई 2019 की तुलना में 123 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईओडीबी से निर्यात तक और स्टार्टअप से सेवाओं तक, भारत प्रत्येक क्षेत्र में बड़ी छलांग लगा रहा है।
लोगों को रोजगार मिलने की चर्चा करते हुए वाणिज्य मंत्री ने कहा कि 54,000 से भी अधिक स्टार्ट-अप्स ने लगभग 5.5 लाख रोजगार प्रदान किए हैं, और अगले 5 वर्षों में 50,000 नए स्टार्ट-अप्स द्वारा 20 लाख से भी अधिक रोजगार सृजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारे उद्योग जगत के लिए मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने के लिए हमारी क्षमता, सामर्थ्य और प्रतिबद्धता का व्यापक विस्तार करने का एकदम सही समय है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे अथक प्रयास वाकई हमारी संभावनाओं एवं भारत की क्षमता व्यापक रूप से बढ़ाने के बारे में पूरी दुनिया के लिए ठोस प्रमाण हैं और हमारे उद्योगों ने सही मायनों में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना अपने में समाहित कर ली है।
6 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री के स्पष्ट आह्वान ‘लोकल गोज ग्लोबल: मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, उत्पादकता, एवं दक्षता हमारे निर्यात बास्केट को बड़ा, बेहतर व व्यापक बना देगी और विभिन्न पहलों के माध्यम से उद्योगों में व्यापक बदलाव लाएगी एवं इसके साथ ही लोगों की जिंदगी बेहतर कर देगी।
पीयूष गोयल ने विनिर्माण क्षेत्र को भी प्रोत्साहन देने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अगले 5 वर्षों में 13 सेक्टरों को 1.97 लाख करोड़ रुपये के पीएलआई, निवेश आकर्षित करने के लिए 24 सेक्टरों, निवेश मंजूरी प्रकोष्ठ (आईसीसी) के जरिए कारोबार में सुविधा के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म, 739 जिलों के 739 उत्पादों का एक पूल बनाने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ और औद्योगिक क्षेत्रों का जीआईएस-आधारित डेटाबेस प्रदान करने के लिए इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक पर होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उम्मीद है कि भारतीय उद्योग जगत अनुसंधान के जरिए सहयोग के लिए विभिन्न क्षेत्रों, निर्यातकों/निर्माताओं को आवश्यक सहारा देने, राज्यों के साथ गहन जुड़ाव, विभिन्न मिशनों के साथ अधिक जुड़ाव, इत्यादि के बारे में सुझाव देगा।
पीयूष गोयल ने अपने संबोधन के समापन में कहा कि “सफलता की कुंजी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में है, बाधाओं पर नहीं।” उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग ने अपने दृढ़ विश्वास और प्रतिबद्धता के माध्यम से दुनिया को दिखाया है कि हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और उस पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने साथ ही कहा कि उद्योग संघ भारत को विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए एक सेफ यानी टिकाऊ, चुस्त, भविष्य के अनुकूल और कुशल इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और साथ मिलकर हम ‘सर्व लोक हितम’ यानी ‘गुणवत्ता प्रेरित उत्पादकता’के साथ उद्योग की वृद्धि हासिल कर लेंगे।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्रियों सोम प्रकाश तथा अनुप्रिया पटेल ने भी बैठक को संबोधित किया।
डीजीएफटी, डीपीआईआईटी, द स्केल समिति (स्थानीय मूल्य-वर्धित और निर्यात संवर्धन संचालन समिति), सीआईआई, फिक्की और एसोचैम ने “निर्यात बढ़ाने एवं 2021-22 के निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने के उपाय” विषय पर प्रस्तुति दी।
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