प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत ने उस दिन अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की जब एक ही दिन में 86 लाख से अधिक लोगों को कोविड टीके लगाकर रिकॉर्ड बनाया गया।
आज मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि 21 जून को हासिल हुई, जब कोविड टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण आरम्भ हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हर जगह चर्चा का विषय बन गया क्योंकि एक दिन में सरकार ने इतनी अधिक संख्या में नि:शुल्क टीके लगाये।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक वैक्सीन की सुरक्षा पहुंचाने के प्रयास जारी रहने चाहिए। देश में कई जगहों पर कोविड वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट खत्म करने के लिए कई संगठन मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने वैक्सीन के बारे में मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के डुलारिया गांव के लोगों से बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान गांव वालों और वनवासियों ने जिस तरह अपनी क्षमताओं और सूझ-बूझ का परिचय दिया वह एक दिन दुनिया भर में केस स्टडी का विषय बन जायेगा। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने क्वारंटीन सेंटर बनाये और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल तैयार किए। गांव के लोगों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने महामारी के बावजूद खेती का काम भी नहीं रूकने दिया। गांव के लोगों ने यह भी सुनिश्चित किया कि नजदीकी शहरों तक दूध और सब्जियां पहुंचती रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण अभियान में भी इसी तरह के समर्पण का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव के हर व्यक्ति को टीका लगाना हर गांव का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्णायक सफलता का मंत्र है निरंतरता। प्रधानमंत्री ने लोगों को सतर्क किया कि हमें सुस्त नहीं पड़ना है, किसी भ्रांति में नहीं रहना और कोविड पर जीत हासिल करने के लिए सतत प्रयास करने हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के प्रत्येक व्यक्ति ने कोविड महामारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बैंक कर्मचारी हों, शिक्षक, छोटे व्यापारी या दुकानदार, स्ट्रीट वेंडर्स, सुरक्षा गॉर्ड हों या डाकिया, हर किसी ने अपने स्तर पर योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड से लड़ाई में विभिन्न स्तरों पर असंख्य लोगों ने सरकार और प्रशासन का साथ दिया। प्रधानमंत्री ने गुरूप्रसाद महापात्रा को याद किया जो भारत सरकार में सचिव थे। उन्हें कोविड के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब भी वे अपना कर्तव्य निभा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरूप्रसाद ने ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने और देश के दूर-दराज इलाकों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिन-रात काम किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि देश ने कोरोना के कारण उस कर्मयोगी को खो दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना चाहिए, टीका लगवाना चाहिए, यही ऐसे प्रत्येक कोरोना योद्धा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
