केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मध्यप्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों को उन जिलों में अविलम्ब नियंत्रण के उपाय करने को कहा है जहां डेल्टा प्लस वेरिएंट मिला है। इस वेरिएंट को चिंताजनक माना गया है। इन तीन राज्यों से कहा गया है कि वे भीड़-भाड़ और लोगों को मिलने-जुलने से रोकने, बडे पैमाने पर जांच,संपर्कों का तुरंत पता लगाने और साथ ही प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण जैसे उपाय अविलम्ब करें। राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे पॉजिटिव लोगों के नमूनों को समुचित मात्रा में तुरंत निर्धारित प्रयोगशालाओं में भेजे ताकि महामारी से संबंधित इनका क्लीनिकल परीक्षण किया जा सके।
देश में कोविड के डेल्टा प्लस वेरिएंट के अब तक 40 रोगी सामने आए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि ये मरीज महाराष्ट्र, केरल और मध्यप्रदेश से हैं। अब तक 45 हजार से ज्यादा नमूनों की सीक्वेंसिंग की गई है।