गुजरात सरकार ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रथम या द्वितीय श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया जाएगा

गुजरात सरकार ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले  दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रथम या द्वितीय श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया जाएगा

गुजरात सरकार ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रथम या द्वितीय श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह फैसला किया है।

इस निर्णय का उदे्श्‍य दिव्यांग खिलाडियों को अंतर्राष्‍टीय स्तर पर मैडल जितने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह निर्णय के अनुसार पैरा ओलिम्पिक, पैरा एशियन और राष्ट्रमंडल खेलो में मैडल जितने वाले दिव्यांग खिलाडियों को राज्य सरकार द्वारा वर्ग एक या वर्ग दो की श्रेणी में पद दिए जायेंगे। राज्य की खेल कूद नीति-2016 के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जितने वाले सभी सामान्य खिलाडियों को राज्य सरकार द्वारा वर्ग एक या वर्ग दो की नौकरी देने का प्रावधान है। अब मुख्यमंत्री विजय रुपानी की इस नयी पहल से दिव्यांग खिलाडियों को भी अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर मैडल जितने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। टोकियो में 24 अगस्त से 5 सितम्बर तक होने वाली पैरा ओलिम्पिक में गुजरात की तिन दिव्यांग खिलाडी भाग लेने वाली है. जिसमे बेडमिन्टन में पारुल परमार और टेबल टेनिस में भाविना पटेल और सोनल पटेल नाम की दो बहनें शामिल है।

Related posts

Leave a Comment