“हर साल देश के कई हिस्सों में पानी का संकट पैदा होता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में साल भर में होने वाले बारिश के पानी का सिर्फ 8% ही संचित किया जाता है। जल संरक्षण का कोई निश्चित तरीका नहीं है। इसके लिए अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीके अपनाए जा सकते हैं लेकिन हर एक कोशिश का मकसद एक ही है- पानी की एक-एक बूंद को बचाना। (मन की बात से)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
जल- प्रकृति का गंधहीन और स्वाद रहित वह रत्न जो जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण एवं अमूल्य है। सबसे पहली सिविलाइज़ेशन यानि मानव बस्तियों की स्थापना नदियों के किनारे पर ही हुईं। मानव शरीर का 60% हिस्सा पानी ही है। पृथ्वी की अधिकतर सतह पानी से ढकी हुई है लेकिन फिर भी दुनिया में शुद्ध पानी की कमी बढ़ रही है। इसलिए जल संरक्षण प्रणाली की बहुत ज़रूरत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में जल संरक्षण की व्यवस्था की शुरुआत की। CM विजय रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात ने इसी विरासत को आगे बढ़ाया गया है। इसी के हिस्से के रूप में 1 मई 2018 को गुजरात के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर सुजलाम सुफलाम जल अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी और सरकार के आपसी तालमेल से राज्य जल संरक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
जल संसाधन विभाग, जल आपूर्ति विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास विभाग, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड सहित विभिन्न सरकारी विभाग सुजलाम सुफलाम जल संरक्षण अभियान की गतिविधियों में शामिल हैं। गैर सरकारी संगठनों, उद्योगों, धार्मिक ट्रस्टों, शैक्षणिक संस्थानों, एपीएमसी, राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से जनभागीदारी से विभिन्न कार्य किए गए हैं। इनमें मनरेगा के तहत कार्य भी शामिल हैं।
मौजूदा जल निकायों जैसे जलाशयों, चेक डैम, गांव के टैंकों की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 41,488 कार्यों के माध्यम से 2018 में SSJA की शुरुआत से लेकर अगले तीन वर्षों में राज्य भर में कुल जल भंडारण क्षमता लगभग 42,064 लाख क्यूबिक फीट बढ़ गई है। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए की गई गतिविधियां नीचे सूचीबद्ध हैं:
तालाबों को गहरा करना
चेक बांधों और जलाशयों की गाद निकालना
मनरेगा योजना के तहत तालाबों को गहरा करना, बांध की डी-सिल्टिंग और पारंपरिक जल संसाधनों का पुनरुद्धार
नए तालाब
सिंचाई योजनाओं के तहत कनाल और नहरों की सफ़ाई
पेयजल वितरण नेटवर्क पाइपलाइनों और वायु वाल्वों का निरीक्षण और मरम्मत
वेस्ट वॉटर यूज़ पॉलिसी का कार्यान्वयन
डि-सेलिनेशन संयंत्र का कार्यान्वयन
मनरेगा योजना के तहत रिवर रिजुवनेशन
वर्षा जल संचयन के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में नदी/तालाबों में प्रदूषित जल के प्रवेश को रोकना
नदी तट पर पेड़-पौधे लगाना
वन क्षेत्र में चेक डैम/वन तालाब/समोच्च खाई/चेक डैम मरम्मत/चेक डैम डी-सिल्टिंग/तालाबों को गहरा करना आदि।
सुजलाम सुफलाम जल अभियान के अंतिम चरण वैश्विक कोरोनावायरस महामारी के बीच किए गए हैं, फिर भी राज्य सरकार के निरंतर प्रयास और जनभागीदारी के माध्यम से अनुमानित परिणाम प्राप्त किए गए हैं। राज्य की समग्र जल भंडारण क्षमता में वृद्धि के कारण भूजल स्तर 5-7 फीट तक बढ़ गया है। सुजलाम सुफलाम जल अभियान- 2021 के दौरान, जल संरक्षण क्षमता में सुधार के लिए विभिन्न प्रकार की 12,711 गतिविधियाँ की गई हैं, जो निम्नलिखित हैं:-
क्र. सं.
गतिविधि
गतिविधि संख्या
1
तालाबों की गहराई
4607
2
परकोलेशन टैंकों को गहरा करना
72
3
चेकडैमों की गाद निकालना
4114
4
जलाशयों की गाद निकालना
146
5
चेकडैम की मरम्मत
1196
6
नहरों की सफाई
749
7
नहरों का रखरखाव और मरम्मत
171
8
नहरों की संरचनाओं की सफाई
29
9
नए तालाबों की खुदाई
135
10
नए चेकडैम का निर्माण
125
11
फॉरेस्ट टैंक
181
12
फार्म पॉन्ड
135
13
वर्षा जल संचयन का काम
40
14
नदियों की सफाई
43
15
प्राकृतिक नालों की सफाई
207
16
नालों की सफ़ाई
375
17
तालाबों की सफ़ाई
36
18
मिट्टी के बंध
342
19
गेबियन
613
20
समोच्च खाइयां
167
21
दीवारों की जांच
26
22
फार्म बंडिंग
126
23
नदियों का पुनरुद्धार
188
24
पेयजल के स्रोतों के आसपास सफ़ाई
432
25
टैंकों/सम्प/इनटेक स्ट्रक्टचर और उनके आसपास की सफाई
524
26
WTPs/STPs और उनके आसपास की सफाई
58
27
H.R. गेट की मरम्मत
7
28
स्टॉर्म वाटर ड्रेन की सफाई
77
29
रेन वॉटर पाइपलाइन की सफ़ाई
22
30
गटर की सफ़ाई
48
31
पानी की नाली
13
32
बोरबेल रिचार्ज, फ्लो चैनल, गली प्लग, ओपन वेल रिचार्ज
102
33
तालाबों की किनारों को मज़बूत करना और उनमें जमा वेस्ट का निपटान
101
34
रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग
3
कुल
15210
सुजलाम सुफलाम के अलावा गुजरात जल संरक्षण की दिशा में नित नए प्रयास कर रहा है। जल प्रबंधन और संरक्षण के क्षेत्र में गुजरात ने पिछले कई वर्षों से अच्छा काम कर रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर को नल के ज़रिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने के मामले में गुजरात ने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। गुजरात ने 25 मार्च, 2021 तक 11.15 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टेप कनेक्शन के लक्ष्य को पार करते हुए 11.50 लाख नल कनेक्शन प्रदान किए हैं। मेहसाणा, पोरबंदर, आणंद और गांधीनगर समेत राज्य के पांच ज़िले 100 फीसदी ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन वाले ज़िले बने हैं। इसी महीने जल शक्ति मंत्रालय ने साल 2021-22 के लिए‘हर घर नल से जल’अभियान के लिए गुजरात राज्य को 3,410.61 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जल जीवन मिशन के तहत गुजरात राज्य को वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान के रूप में 852.65 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। जल से जुड़ा मिशन जितना बड़ा है, गुजरात की कोशिशें भी उतनी ही व्यापक हैं। इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि गुजरात फ्लोराइड या फिर एलिफेन्टाइटिस सरीखी जलजलित बीमारियों को खत्म करने की कगार पर है।