वस्तु और सेवा कर-जीएसटी परिषद ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल पर कर की दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया है। इससे जैव ईंधन को बढावा मिलेगा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। परिषद ने दालों की भूसी पर कर की दर पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का भी फैसला किया।
जीएसटी परिषद ने अनुपालन में की जा रही कुछ गडबडियों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने पर भी सहमति व्यक्त की। फर्जी चालानों को छोड़कर अभियोजन शुरू करने के लिए न्यूनतम सीमा को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दिया गया है।
परिषद की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए, निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैठक में तंबाकू और गुटखे पर कराधान के बारे में चर्चा नहीं हो सकी। साथ ही वस्तु और सेवा कर न्यायाधीकरण के गठन पर भी चर्चा नहीं हुई।