केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज बैंगलुरू में वित्त और केन्द्रीय बैंक के डेप्यूटीज की जी-20 बैठक के प्रारंभिक सत्र का उदघाटन किया। बाद में मीडिया को सम्बोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि जी-20 की भारत की अध्यक्षता हमारे लिए एक सम्मान है जहां ग्लोबल साउथ की चिन्ताओं को व्यक्त करने और भारत आये प्रतिनिधियों को विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत कोविड महामारी के प्रबंधन और इस महामारी से उत्पन्न आर्थिक मंदी के दौर से निकलने में कामयाब रहा है। वसुधैव कुटुम्बकम के कथन का पालन करते हुए भारत विश्व की फार्मेसी बनकर उभरा और उसने 101 देशों को कोविड वैक्सिन की दस लाख खुराक की आपूर्ति की। भारत में विकसित कोविन और आरोग्य सेतु मोबाइल एप की विश्व में सराहना की गई। भारत ने यूपीआई भीम ऐप में काफी प्रगति की और पिछले महीने में ही इस ऐप पर 782 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। हितधारकों के लिए राशि के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से पारदर्शिता आई और समय बचाकर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से अंतिम छोर के व्यक्ति तक राशि पहुंचाई गई।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत ने ऊर्जा ट्रांजैक्शन का लक्ष्य हासिल किया और अगले तीन वर्ष में पचास लाख मीट्रिक टन हाईड्रोजन ग्रीन एनर्जी का उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया है। केन्द्रीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि जी-20 मंच ऊर्जा के क्षेत्र और ऋण में साझा चिन्ताओं, कराधान मुद्दों और सीमापार वित्तीय ट्रांजैक्शन के वैश्विक समाधान में मदद देगा। वित्त और केन्द्रीय बैंक डेप्यूटीज की बैठक के बाद पहली जी-20 एफएमसीबीजी की बैठक 24 से 25 फरवरी के बीच होगी जिसमें जी-20 सदस्यों के वित्त मंत्री और केन्द्रीय बैंक के गवर्नर और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगें। इस बैठक में बहुपक्षीय विकास बैंकों को सशक्त बनाने से 21वीं शताब्दी की साझा वैश्विक चुनौतियों, लचीलेपन की स्थिति में वित्त व्यवस्था, कल के समावेशी और सतत नगरों, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चरस की सहायता से वित्तीय समावेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की जायेगी।