विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कल ताजिकिस्तान के दुशाम्बे में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग चीन के विदेश मंत्री वांग ई के साथ मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया और भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। पिछले साल सितम्बर में मॉस्को में हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री ने उस समय तय हुए समझौते का पालन करने पर जोर दिया और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े सभी मुद्दों के समाधान तथा वहां से सेना को हटाने की जरूरत दोहराई। डॉ. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री को बताया कि इस वर्ष की शुरूआत में पैंगांग झील के आसपास से सेना हटाने के बाद बाकी मुद्दों को सुलझाने की अनुकूल परिस्थिति बनी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए चीन, भारत के साथ मिलकर काम करेगा।
डॉ. जयशंकर ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने माना था कि मौजूदा स्थिति का लम्बे समय तक चलना किसी भी देश के हित में नहीं है और इससे आपसी संबंधों में नकारात्मकता आती है। विदेश मंत्री ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान दोनों देशों के हित में है और दोनों पक्षों को सभी द्विपक्षीय संधियों और शर्तों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।