चीन और जापान के बीच ताइवान से लेकर साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मतभेद बढ़ गए हैं। जापान की मीडिया की खबरों के अनुसार जापान की नई साइबर सुरक्षा नीति के मसौदे से पता चलता है कि चीन सुरक्षा से जुड़े और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की सूचनाएं चुराने के लिए साइबर हमले कर रहा है।
ताइवान के मद्दे पर जापान के उपप्रधानमंत्री तारो आसो ने कहा है कि ताइवान पर चीन के हमले की स्थिति में जापान और अमरीका को मिलकर ताइवान की रक्षा करनी चाहिए।
तारो आसो के बयान पर तीखी प्रक्रिया व्यक्त करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा है कि ऐसे बयान गलत और खतरनाक हैं और एक चीन की नीति के खिलाफ हैं। चीन इस बात पर जोर देता रहा है कि ताइवान चीन का प्रमुख हिस्सा है।