वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव डॉ. विवेक जोशी ने 11-12 मई, 2023 को कृषि बैंकिंग कॉलेज, पुणे में ‘क्षेत्रीय रूबल बैंकों (आरआरबी) की वित्तीय स्थिरता और परिचालन व्यवहार्यता को मजबूत करने’ पर संगोष्ठी के एक भाग के रूप में आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता की। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के अपर सचिव, नाबार्ड के अध्यक्ष, आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम), प्रायोजक बैंकों के प्रबंध निदेशक/कार्यकारी निदेशक और भारतीय रिजर्व बैंक (आरआरबी) के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने अपनी संबंधित व्यवहार्यता योजनाओं में निर्धारित विभिन्न मापदंडों पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई। यह नोट किया गया कि 2021-22 की तुलना में 2022-23 में आरआरबी के वित्तीय प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। बैठक में आरआरबी के प्रौद्योगिकी उन्नयन की आवश्यकता, नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) में कमी लाने के लिए रणनीतियां, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पहल, वित्तीय समावेशन में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण वितरण में वृद्धि और आरआरबी को प्रायोजक बैंकों द्वारा दी जा रही सहायता सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
डॉ. जोशी ने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रायोजक बैंकों को नाबार्ड के साथ साझेदारी में प्रौद्योगिकी अपनाने की सुविधा के लिए अपने संबंधित आरआरबी को सक्रिय रूप से सहयोग करने की आवश्यकता है ताकि वे अपने ग्राहकों को अधिक कुशलता से सेवा प्रदान सकें। डॉ. जोशी ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से अगले एक वर्ष के भीतर व्यवहार्यता योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करने का भी आग्रह किया।
