सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा में दुष्कर्म, हत्या और महिलाओँ के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए चार टीम गठित की हैं। संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी प्रत्येक टीम के अध्यक्ष बनाए गए हैं। अपर-निदेशक स्तर के अधिकारी पूरी छानबीन पर निगरानी रखेंगे। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा परिणाम घोषित होने के बाद महिलाओँ के खिलाफ अपराधों की सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।
निर्णय का स्वागत करते और निश्चित तौर पर लोकतंत्र में हर किसी को अपनी विचारधारा की रखने की, अपनी सरकार की नीतियों के कार्यक्रम को रखने की आजादी है, लेकिन किसी को मारने, काटने, की झगडा करने की और घायल करने की इजाजत नहीं है। हिंसा नहीं होनी चाहिए, हत्याएं नहीं होनी चाहिए लोकतंत्र में संवाद और बातचीत के माध्यम से जनता का प्यार और आशीर्वाद लेना चाहिए।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अन्य सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का भी आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि विशेष जांच दल के कार्यों पर उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत न्यायाधीश निगरानी रखेंगे। अदालत ने इन दोनों जांच एजेंसियों को छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
