कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं के लिए 2025-26 तक 12,000 करोड़ रुपए की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों को प्रति वर्ष 9 रिफिल (5 किलोग्राम सिलेंडर वालों के लिए आनुपातिक रूप से) के लिए 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपए की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसमें 12,000 करोड़ रुपए की लागत आएगी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) मई 2016 में देश भर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई…

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कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को घरेलू एलपीजी में हुए नुकसान के लिए मुआवजे के रूप में 30,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू रसोई गैस की बिक्री पर हुए घाटे के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल) को 30,000 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत की है। तेल विपणन कंपनियों को इस क्षतिपूर्ति राशि का वितरण पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। यह राशि बारह किस्तों में दी जाएगी। उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों अर्थात् आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल द्वारा विनियमित कीमतों पर आपूर्ति किए जाते हैं। एलपीजी की…

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कैबिनेट ने 2157 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर तमिलनाडु में 4-लेन मरक्कनम-पुडुचेरी राजमार्ग (NH-332A) के निर्माण को मंजूरी दी

  प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने तमिलनाडु में मरक्कनम- पुडुचेरी (46 किलोमीटर) 4-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 2,157 करोड़ रुपये होगी। वर्तमान में, चेन्नई, पुडुचेरी, विलुप्पुरम और नागपट्टिनम के बीच संपर्क मौजूदा 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग 332ए (एनएच-332ए) और संबंधित राज्य राजमार्गों पर निर्भर है, जहां यातायात की अधिकता के कारण, विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों और गलियारे वाले प्रमुख कस्बों में, काफी भीड़भाड़…

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केंद्र सरकार टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है

  चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान खाद्य वस्तुओं की कीमतें काफी हद तक स्थिर और नियंत्रित रही हैं। आज तक, केंद्र सरकार के उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता कार्य विभाग की ओर से निगरानी की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं की कीमतें साल-दर-साल आधार पर या तो स्थिर या घटती प्रवृत्ति का प्रदर्शन कर रही हैं। जुलाई 2025 में घर पर बनी थाली की कीमत में 14 प्रतिशत की कमी इस महीने खाद्य मुद्रास्फीति में निरंतर कमी को दर्शाती है। देश भर के विभिन्न केंद्रों पर टमाटर…

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