प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जगदीप धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जगदीप धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति सहित विभिन्न भूमिकाओं में देश की सेवा करने के कई अवसर मिले हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: “श्री जगदीप धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति सहित विभिन्न भूमिकाओं में देश की सेवा करने के कई अवसर मिले हैं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
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मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में भारतीय तटरक्षक बल के लिए अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत श्रेणी के पहले जहाज निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए छह अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एनजीओपीवी) में से पहले जहाज यार्ड 16401 के निर्माण कार्य का शुभारंभ समारोह 22 जुलाई, 2025 को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में आयोजित किया गया। 117 मीटर लंबे इस पोत की सीमा 5,000 समुद्री मील होगी। इस जहाज पर 11 अधिकारियों व चालक दल के सदस्यों के साथ 110 कर्मियों की तैनाती होगी और इसकी अधिकतम गति 23 समुद्री मील होगी। ये सभी पोत उन्नत प्रौद्योगिकियों जैसे एआई-आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव, रिमोट पायलटेड ड्रोन,…
Read Moreप्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ी
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 15.08.2025 तक बढ़ा दी गई है। आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर 01.04.2025 से शुरू हो चुकी है। यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जो बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला और संस्कृति तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्तर पर मान्यता के योग्य है। पांच वर्ष से अधिक 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा (31 जुलाई, 2025 तक) जो भारतीय नागरिक है और भारत…
Read Moreइसरो के चंद्रयान-2 प्रक्षेपण की आज छठी वर्षगांठ
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-2 प्रक्षेपण की आज छठी वर्षगांठ है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की भौगोलिक स्थिति, भूकंप विवरण, खनिज उपलब्धता और सतह संरचना का अध्ययन करना था, जिसमें चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विशेष ध्यान दिया गया था। भारत का दूसरा चंद्रयान मिशन 22 जुलाई, 2019 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक शुरू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह, विशेष रूप से दक्षिणी ध्रुव की खोज करना था और इसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर-विक्रम और रोवर-प्रज्ञान शामिल थे। हालाँकि लैंडर…
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