युद्ध की आहट ! लद्दाख से अरुणाचल तक की सीमा पर चीन ने तैनात किए फाइटर जेट

लेह।  भारत-चीन बॉर्डर पर हिंसक संघर्ष के बाद लेह में भारत द्वारा मिग-29 और अपाचे लड़ाकू, हेलीकॉप्टर तैनात करने के बाद चीन भी अलर्ट हो गया है। चीन ने भी लद्दाख से लगे अपने एयरबेस होटान, नग्‍यारी, शिगात्‍से और नयिंगची में बड़ी संख्या में फाइटर जेट, बवर्षक विमान और हेलीकाप्टर तैनात कर दिए हैं। यही नहीं चीन की सेना ने पैगाम सो झील पर पेंगांग सो झील पर फिंगर 4 के आगे भारतीय जवानों को रोकने के लिए अपनी आक्रामक कार्यवाही और मॉनिटरिंग को भी बढ़ा दिया है। Read More…

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उद्धव सरकार ने चीन को दिया झटका, करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर लगाई रोक

लेह। लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार ने चीनी कंपनियों के साथ हाल में हुए तीन बड़े अनुबंध पर रोक लगा दी है। ये करार लगभग 5000 करोड़ के परियोजनाओं से जुड़े थे और हाल में ‘मैगनेटिक महाराष्ट्र 2.0 इंवेस्टर’ समिट के दौरान हुए थे। इससे पहले हाल में हरियाणा की सरकार भी पावर प्रोजेक्ट्स से चीन कंपनियों के टेंडर को रद्द कर नए टेंडर जारी करने के निर्देश दे चुकी है। Read More : पीएम मोदी के गलवान घाटी वाले बयान…

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दिनांक 21 जून 2020 (31 ज्येष्ठ, शक संवत 1942) को वलयाकार सूर्य ग्रहण घटित होगा सोशल मीडिया पर लाइव

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“ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं विज्ञान के बारे में युवाओं को उत्साहित करने और वास्तव में उनके साथ ही बड़े पैमाने पर समाज को समझाने और वैज्ञानिक मनोभाव पैदा करने के असाधारण अवसर होते हैं” : प्रोफेसर आशुतोष शर्मा, सचिव, डीएसटी 21 जून, 2020 को भारत के उत्तरी हिस्सों में सुबह 10:25 बजे से वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस संदर्भ में, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एआरआईईएस या एरीज), नैनीताल ने 19 जून 2020 को दोपहर 03.30 बजे एरीज के निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जीद्वारा ‘सूर्य ग्रहण का विज्ञान’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया है। ज़ूम, यूट्यूब और फेसबुक के जरिए सूर्य ग्रहण के सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गई है। सूर्य ग्रहण अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा और दिलचस्प बात यह है कि ग्रहण का पीक भारत के उत्तरी हिस्से में दिखाई देगा, जो सुबह 10:25 बजे से शुरू होकर 12:08 बजे अधिकतम ग्रहण और 01:54 बजे समाप्त हो जाएगा। इससे पहले वलयाकार ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को दक्षिण भारत से और आंशिक ग्रहण के रूप में देश के विभिन्न हिस्सों से देखा गया था। अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में अगले दशक में दिखाई देगा, जो 21 मई 2031 को होगा, जबकि 20 मार्च 2034 को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जाएगा। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा (अमावस्या के चरण में) सूरज की आंशिक या पूरी रोशनी को रोक लेता है और उसी हिसाब से आंशिक, वलयाकार और पूर्ण सूर्यग्रहण होता है। ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और घना अंधेरा छा जाता है जिसे उम्ब्रा और कम अंधेरे वाले क्षेत्र को पेनम्ब्रा के रूप में जाना जाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहणों में सबसे दुर्लभ है। भले ही हर महीने अमावस्या आती हो, लेकिन हम ग्रहण को इतनी बार नहीं देख पाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पृथ्वी-सूर्य प्लेन के लिहाज से चंद्रमा की कक्षा लगभग 5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है। इस कारण सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी का संयोग (एक ही सीध में) एक दुर्लभ खगोलीय घटना के तौर पर दिखाई देता है। डीएसटी के सचिव, प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, ‘ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं विज्ञान के बारे में युवाओं को उत्साहित करने और वास्तव में उनके साथ ही बड़े पैमाने पर समाज को समझाने और वैज्ञानिक मनोभाव पैदा करने के असाधारण अवसर होते हैं।’ एरीज ने ग्रहण देखने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसको लेकर एक सूची तैयार की है: क्या करें: 1- ग्रहण देखने के लिए और आंखों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए ग्रहण देखने वाले चश्मों (आईएसओ प्रमाणित) या उचित फिल्टर्स के साथ कैमरे का इस्तेमाल करें। 2- वलयाकार सूर्य ग्रहण देखने का सबसे सुरक्षित तरीका पिनहोल कैमरे से स्क्रीन पर प्रोजेक्शन या टेलिस्कोप है। 3- ग्रहण के दौरान खाना-पीना, स्नान करना, बाहर जाने में कोई दिक्कत नहीं है। ग्रहण को देखना एक शानदार अनुभव होता है। भारत में देश के उत्तरी भाग के कुछ स्थानों (राजस्थान, हरियाणा तथा उतराखण्ड के हिस्सों) के संकीर्ण गलियारे में प्रात: ग्रहण की वलयाकार प्रावस्था दृश्यमान होगी जबकि देश के शेष भाग में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप…

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रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए विशेष लघु-ऋण (माइक्रो-क्रेडिट) सुविधा योजना का शुभारंभ– आत्म-निर्भर भारत की ओर प्रयास

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आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच आज यहां एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।  इसका उद्देश्यरेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंजर्स) के लिए एक विशेष लघु-ऋण (माइक्रो क्रेडिट) सुविधा- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (पीएम स्वनिधि)के लिए सिडबी को  कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शामिल करना है। इस समझौता पत्र पर आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप एस. पुरी की उपस्थिति में मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार और सिडबी के उप-प्रबंध निदेशक श्री वी. सत्य वेंकट राव ने हस्ताक्षर किए। समझौते की शर्तों के अनुसार, सिडबी पीएम स्वनिधि…

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