देश में अब तक 47 करोड़ से अधिक कोविड रोधी टीके लगाये जा चुके

देश में अब तक 47 करोड़ से अधिक कोविड रोधी टीके लगाये जा चुके हैं। अब तक कुल 47 करोड़ 02 लाख 98 हजार 596 टीके लगाये गये। व्यापक टीकाकरण का नया चरण 21 जून से शुरू हुआ था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कल 53 लाख 72 हजार से ज्यादा टीके लगाये गये। इनमें 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के 27 लाख 90 हजार लोगों को पहला टीका और 4 लाख 98 हजार को दूसरा टीका लगाया गया है। टीकाकरण के तीसरे चरण में अब तक पूरे देश…

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ओडिशा सरकार ने राज्‍य में कोविड रोधी टीकाकरण के लिए जिलावार लक्ष्‍य तय किया

ओडिशा सरकार ने राज्‍य में कोविड रोधी टीकाकरण के लिए जिलावार लक्ष्‍य तय किया है। जिला कलेक्‍टर और नगर निगम आयुक्‍तों को लिखे पत्र में राज्य सरकार ने दैनिक औसत टीकाकरण गति बढाकर साढे तीन लाख प्रतिदिन करने और नियत समय पर टीके की दूसरी डोज को प्राथमिकता देने को कहा है। सभी जिलों के स्‍थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया है कि भारत सरकार ने जुलाई महीने में राज्‍य को वैक्‍सीन आपूर्ति बढाई है, जो इस महीने भी जारी रहेगी। केन्‍द्र सरकार वैक्‍सीन की आपूर्ति, उसकी खपत और बर्बादी…

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केंद्र सरकार ने 10 राज्यों में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की, जिनमें कोविड मामले और संक्रमण दर बढ़ रही है

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आज 10 राज्यों में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इन राज्यों में केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन राज्यों में कोविड-19 की निगरानी, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए किए गए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की। ये राज्य या तो नए दैनिक कोविड मामलों में बढ़ोतरी या संक्रमण दर में वृद्धि की रिपोर्ट कर रहे हैं। इस समीक्षा बैठक में आईसीएमआर के महानिदेशक…

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आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के इलाज में एनआईसीई के निराधार दावे का खंडन किया

कोविड के इलाज के लिए कुछ भ्रामक दावे प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित नेटवर्क एनआईसीई (नेटवर्क ऑफ इन्फ्लुएंजा केयर एक्सपर्ट्स) द्वारा किए गए हैं। इस दावे को कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा बिना तथ्यों के सत्यापन के प्रकाशित किया गया है। एनआईसीई ने जो मुख्य दावा किया है वह है कोविड-19 के उपचार के लिए एक प्रोटोकॉल विकसित करने के संबंध में है जिसे आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत बताया है। हालांकि, सच्चाई यह है कि दावेदार ने अनैतिक और भ्रामक रूप से इसके लिए आयुष मंत्रालय की मंजूरी को जिम्मेदार ठहराया है।…

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