भाविनाबेन पटेल ने आज टोक्यो पैरालंपिक में महिला एकल वर्ग 4 टेबल टेनिस में भारत का पहला रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। राष्ट्रीय खेल दिवस 2021 के अवसर पर रजत पदक जीतना देश के लिए किसी आश्चर्य और यादगार तोहफे से कम नहीं है।
क्लास 4 वर्ग में दुनिया की 12वें स्थान पर मौजूद 34 वर्षीय भारतीय पैरा-टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना का फाइनल में यिंग के खिलाफ कड़ा मुकाबला था। स्वर्ण पदक के मैच में भाविना को विश्व की नंबर एक खिलाड़ी से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। विश्व की नंबर एक खिलाड़ी यिंग के पास अब चार पैरालंपिक खेलों में छह स्वर्ण पदक हैं। भाविना अपने शुरुआती ग्रुप स्टेज मैच में भी चीन की खिलाड़ी के खिलाफ हार गई थी। लेकिन, प्री-क्वार्टर चरण के बाद भाविना ने जो प्रदर्शन किया, वह उल्लेखनीय है।
पैरालंपिक खेलों में पहली बार भाग ले रहीं भाविना ने अपने से ऊपर वरीयता वाली ब्राजील की जॉयस डी ओलिवेरा के खिलाफ अंतिम 16 के मैच में सीधे गेम में 3-0 से जीत हासिल की थी। क्वार्टर फाइनल में सर्बिया की बोरिसलावा पेरीक, भाविना की प्रतिद्वंद्वी थीं, जो स्वर्ण पदक के साथ 2016 रियो पैरालंपिक खेलों में रजत पदक विजेता भी थीं। भारतीय खिलाड़ी भाविना ने इस मुकाबले में भी 3-0 से जीत हासिल की। सेमीफाइनल में भाविना ने 2012 पैरालंपिक खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और 2016 पैरालंपिक खेलों की रजत पदक विजेता झांग मियाओ को 3-2 से हराया।