केन्द्र सरकार ने कहा है कि भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने के बारे मे अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 का उद्देश्य 31 दिसम्बर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम पिछले वर्ष दस जनवरी से प्रभाव में आया है।
अगली जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से कराई
गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि अगली जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से कराई जायेगी और इसमें स्वयं को जोडने का प्रावधान है। जनगणना के आंकडों को एकत्रित करने के लिए मोबाइल ऐप और जनगणना से जुडी विभिन्न गतिविधियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए व्यक्ति विशेष की आयु, आमदनी, और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मानदंडों जैसे शिक्षा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, धर्म, भाषा, वैवाहिक स्थिति और स्थान बदलने संबंधी आंकडे इकट्ठे किए जाएंगे। वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि जनगणना के पहले चरण की प्रश्नावली को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के अनुसार जनगणना के लिए एकत्रित किए गए आंकडों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।