स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने आज एक बैठक में दिल्ली में मलेरिया की रोकथाम के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली में 2022 तक मलेरिया उन्मूलन पर चर्चा हुई। हर्षवर्धन ने कहा कि मलेरिया को एक अधिसूचित रोग की श्रेणी में रखा जाना चाहिए ताकि इससे जुड़े हर मामले का पता लगाया जा सके और उसका सही इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिल्ली सरकार के साथ इस पर चर्चा हुई थी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए दिल्ली को पहली श्रेणी के शहरों में शामिल किया गया है। 2020 तक शहर से मलेरिया को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब इसे बढाकर 2022 कर दिया गया है।
दिल्ली में मलेरिया को अधिसूचित रोगों की श्रेणी में रखने पर उन्होंने बताया कि अस्पतालों से वास्तविक डेटा प्राप्त करना और संक्रमण के क्षेत्रों में निवारक कार्रवाई करना मलेरिया उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बुखार वाले सभी मामलों में से दस प्रतिशत की मलेरिया जांच होनी चाहिए ताकि मलेरिया का कोई भी मामला छूट न जाए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 और 2019 के बीच मलेरिया रुग्णता में 83.34 प्रतिशत और मलेरिया मृत्यु दर में 92 प्रतिशत की कमी हासिल करने की भारत की उपलब्धि को डब्ल्यूएचओ द्वारा भी सराहा गया है।