झारखंड में कोविड-19 वेरिएंट से सबसे अधिक प्रभावित पांच जिलों से एकत्रित तीन सौ 28 नमूनों में से 62 प्रतिशत से अधिक को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज, भुवनेश्वर को भेजा गया था। इन नमूनों में कोविड-19 वायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप के म्यूटेंट स्ट्रेन्स का पता चला है। इन नमूनों में अन्य कोविड-19 वेरिएंट अल्फा, कप्पा भी पाए गए हैं।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि राज्य में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 21 मामलों का पता चला है। राजेश टोपे ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने जीनोम अनुक्रमण के बारे में निर्णय लिया और इसके आधार पर 15 मई से राज्य के प्रत्येक जिले से सौ नमूने एकत्रित किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक साढ़े सात हजार से अधिक नमूने इकट्ठे किए गए हैं। राजेश टोपे ने इस बात की पुष्टि की कि इकट्ठे किए गए नमूनों से डेल्टा प्लस वैरिएंट के 21 मामलों का पता चला था।