भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की प्रस्तावित योजना की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का खुला उल्लंघन है। दिल्ली सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए श्री प्रसाद ने पूछा है कि एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना दिल्ली में क्यों नहीं लागू की जा रही है।
देश के 34 राज्यों और यूटी ने वन नेशन, वन राशन कार्ड को एडॉप्ट कर लिया। भारत के सिर्फ तीन प्रदेशों ने अभी तक वन नेशन, वन राशन कार्ड को इम्प्लीमेंट नहीं किया है, एक असम क्योंकि वहां आधार लेट से शुरू हुआ था उनकी स्थानीय समस्याएं थी, नागरिकता को लेकर और बाकी दो प्रदेश एक का नाम है बंगाल और दूसरे का नाम दिल्ली। मेरा सवाल है कि श्रीमान अरविन्द केजरीवाल से वन नेशन, वन राशन कार्ड को दिल्ली में क्यों नहीं लागू किया है।
श्री प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में लाभार्थियों को राशन केवल उचित मूल्य दुकानों से ही दिए जाने का प्रावधान है। यह पारदर्शी प्रावधान है और घर-घर राशन पहुंचाने की योजना से काला बाजारी होने की आशंका है। उन्होंने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी आग्रह किया कि वे लाभार्थियों को आसानी से खाद्यान्न और अन्य लाभ उपलब्ध कराने के लिए इस योजना को लागू करें।