प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत कर्नाटक के मलूर क्षेत्र से विधायक के. वाई. नन्जे गौडा और उनके सहयोगियों के परिसरों में तलाशी ली है। ये कार्रवाई एक सौ पचास करोड रुपये की सरकारी जमीन के अवैध आवंटन के मामले में की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में मस्ती थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है। विधायक गौडा भूमि अनुदान समिति के अध्यक्ष थे और अन्य आरोपी इस समिति के सदस्य थे।
14 परिसरों में तलाशी के दौरान अब तक पच्चीस लाख रुपये से अधिक नकद, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किये गये हैं। एनआईए ने छापे के दौरान यह पाया है कि विधायक गौडा ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कागजात बनाकर लगभग 80 एकड़ की जमीन अनेक अवैध लाभार्थियों को दे दी।