उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज केरल के तिरुवनंतपुरम के ग्रीन फील्ड स्टेडियम में 5वें वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत सरकार ने आयुर्वेद के विकास और वैश्विक मान्यता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत सहस्राब्दियों से चली आ रही ज्ञान और अभ्यास की समृद्ध विरासत के साथ आयुर्वेद में एक वैश्विक नेतृत्व दे रहा है। उपराष्ट्रपति धनखड ने कहा कि आयुष मंत्रालय की स्थापना, राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का पालन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आयुर्वेद का एकीकरण आयुर्वेद की उन्नति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आयुष मंत्रालय द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। आयुष उद्योग जो 8 वर्ष पहले लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का था वह आज लगभग डेढ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 5वें वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव की मेजबानी करने वाला केरल आयुर्वेदिक उत्कृष्टता के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केरल का आयुर्वेद पर्यटन न केवल कल्याण को बढ़ावा देता है बल्कि राज्य की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। केंद्रीय विदेश और संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सांसद शशि थरूर समेत कई गणमान्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
ग्लोबल आयुर्वेद फेस्टिवल – जीएएफ 2023 केरल राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक से 5 दिसंबर तक ‘हेल्थकेयर में उभरती चुनौतियों और एक पुनरुत्थान आयुर्वेद’ विषय पर आयोजित किया जा रहा है। आयुर्वेद का यह सम्मेलन, जीएएफ 2023 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैकल्पिक चिकित्सा के अंतरराष्ट्रीय चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के एक साथ होन का साक्षी बनेगा।