सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों से पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने को कहा है। शीर्ष न्यायालय ने कहा इस बारे में राजनीति नहीं होनी चाहिए और पराली जलाने पर रोक लगनी चाहिए। न्यायमूर्ति एस के कौल, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति पी के मिश्रा की पीठ ने कहा कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए तत्काल कुछ किया जाना चाहिए। न्यायालय ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों को निर्देश भी जारी किए। पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव की निगरानी में पराली जलाने से संबंधित न्यायालय के दिशा निर्देशों को लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस अधिकारी पर होगी। न्यायालय ने कहा कि प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए वाहनों की सम-विषम जैसी योजना मात्र दिखावटी है। शीर्ष न्यायालय ने पूर्व जारी आदेशानुसार स्थापित किए गए स्मॉग टावर के काम न करने का उल्लेख करते हुए सरकार को इसकी मरम्मत का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 नवम्बर को होगी।
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