राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 लोकसभा में पारित हुआ। लोकसभा की कार्यवाही कल 4 अगस्त तक के लिए स्थगित की गई। इस विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम 1991 में संशोधन का प्रस्ताव है। यह विधेयक केंद्र सरकार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों, कार्यकाल और सेवा संबंधी अन्य शर्तों के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है।
इस विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी लोकसेवा प्राधिकरण के गठन का भी प्रावधान है। इस प्राधिकरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली के प्रधान गृह सचिव शामिल होंगे। यह प्राधिकरण अधिकारियों के स्थानंतरण, नियुक्ति और अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल को सिफारिशें देगा। इस संबंध में केंद्र सरकार इस वर्ष मई में अध्यादेश लेकर आई थी।
विधेयक पेश करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक सांविधानिक प्रावधानों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि संविधान ने संसद को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से संबंधित कोई भी कानून बनाने का अधिकार दिया है। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में सत्ता में रह चुकी है, लेकिन अधिकार छीनने का इन सरकारों का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि 2015 में जो सरकार दिल्ली में आई उसका एकमात्र उद्देश्य लडना था, दिल्ली के लोगों की सेवा करना नहीं। विधेयक पर चर्चा जारी है।