श्रीलंका में मंत्रिमंडल ने कल देश के घरेलू ऋण समायोजन कार्यक्रम को मंजूरी दे दी। इस सप्ताह के शुरू में श्रीलंका ने बैंकों में छुट्टी की अवधि बढा दी थी ताकि समायोजन के लिए बैंकों को समय मिल सके। ऋण समायोजन का यह कार्य ऐसे समय में किया गया है जब श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय ऋणदाता संगठनों के साथ विदेशी ऋण समायोजन के लिए विमर्श कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य देश में आर्थिक उथल-पुथल को समाप्त कर अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करना है।
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गर्वनर ने भी कुछ ही दिन पहले खाताधारकों को बैंकों में जमा राशि की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि घरेलू ऋण समायोजन से जमाकर्ताओं के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में आर्थिक स्थिरता को लेकर लोगों के बीच कई तरह की आशंकाएं हैं।
राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी कहा है कि सरकारी और निजी- दोनों तरह के बैंकों की स्थिरता का समायोजन प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।