उच्चतम न्यायालय ने आज फैसला सुनाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक समिति की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। न्यायमूर्ति के एम जोसफ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि इस संबंध में संसद द्वारा कानून नहीं बनने तक यह पैनल लागू रहेगा। यह पीठ भारत के चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने जोर दिया कि चुनाव आयोग को कार्यपालिका की अधीनता से अलग रहना होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष और वैध रूप से कार्य करने और संविधान के प्रावधानों का पालन करने के लिए बाध्य है।
Related posts
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) द्वारा...
पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 रन की जीत दर्ज की। मुकाबले में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन ने मैच का रुख तय किया।
ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान मैच स्कोरकार्ड: 22 रन से जीता पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले...